कोविड वैक्सीन लगवाने से नहीं हो रहे हार्ट अटैक, स्टडी में हुआ खुलासा, जानें पूरी खबर

Covid Vaccine And Heart Attack: जीबी पंत हॉस्पिटल के शोध में कहा गया कि कोविड वैक्सीन कोविशील्ड, कोवैक्सीन का हार्ट अटैक से कोई भी संबंध नहीं है।

Written by: Prins Bahadur Singh Updated at: Sep 05, 2023 14:15 IST

Covid Vaccine And Heart Attack Link: कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए पूरी दुनिया में वैक्सीनेशन प्रोग्राम चलाया गया था। भारत में कोरोना से बचाव के लिए सरकार ने देशव्यापी टीकाकरण अभियान चलाया था। कोरोना काटीका लगवाने के बाद दुनियाभर के देशों में दावे किये गए थे कि, इसकी वजह से लोगों को हार्ट अटैक आ रहे हैं। इसको लेकर वैश्विक स्तर पर कई शोध और रिसर्च भी किये गए थे। भारत में कोरोना से बचाव के लिए कोविशील्ड और कोवैक्सीन के टीके सबसे ज्यादा लगाए गए हैं। इन दोनों वैक्सीन को लेकर की गयी स्टडी में नया खुलासा हुआ है। भारत में लगाई गयी कोविड वैक्सीन (कोविशील्ड और कोवैक्सीन) को लेकर की गयी स्टडी में कहा गया है कि इस वैक्सीन को लगवाने से हार्ट अटैक आने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।

कोरोना वैक्सीन का हार्ट अटैक से कोई संबंध नहीं- No Link Between Covid Vaccines And Heart attack in Hindi

राजधानी दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल द्वारा कए गए शोध में कहा गया है कि कोरोना वैक्सीन और हार्ट अटैक के बीच कोई संबंध नहीं मिला है। जीबी पंत अस्पताल में किये गए इस शोध में कोविशील्ड और कोवैक्सीन को लेकर जानकारियां जुटाई गयी हैं। टीकों के सुरक्षात्मक प्रभाव और टीकों की वजह से हार्ट अटैक होने के कनेक्शन को लेकर यह शोध किया गया। इस शोध में यह कहा गया है कि दोनों वैक्सीन और हार्ट अटैक के बीच किसी भी तरह के सबूत नहीं मिले हैं। जीबी पंत अस्पताल के इस रिसर्च टीम को हेड कर रहे डॉ. मोहित गुप्ता ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत करते हुए बताया कि, "इस अध्ययन के निष्कर्ष में यह मिला है कि भारत में कोरोना के खिलाफ इस्तेमाल किये गए टीके सुरक्षित हैं। इन टीकों (कोविशील्ड और कोवैक्सीन) का हार्ट अटैक से कोई संबंध नहीं है।"

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अस्पताल के मरीजों का डेटा हुआ इस्तेमाल- Study Used Data From G B Pant Hospital in Hindi

जीबी पंत अस्पताल द्वारा किये गए इस शोध में अगस्त 2021 से अगस्त 2022 तक अस्पताल में भरी हुए कुल 1,578 लोगों का डेटा इस्तेमाल हुआ है। इनमें से लगभग 68.8 प्रतिशत (1,086) लोगों को कोरोना का टीका लगा था और 31.2 प्रतिशत (492) लोगों को कोरोना का टीका नहीं लगाया गया था। इन मरीजों में से 96 प्रतिशत लोगों को कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगी थीं और 39 प्रतिशत मरीजों को सिर्फ एक ही डोज लगाई गयी थी। इन मरीजों के डेटा के आधार पर स्टडी की गयी और इसमें वैक्सीन की वजह से हार्ट अटैक आने को लेकर कोई भी जानकारी सामने नहीं आई है। 

डॉ. मोहित ने बताया कि भारत जैसे घनी आबादी वाले देश में टीके के दुष्प्रभाव का बड़ा असर हो सकता था, लेकिन कोविशील्ड और कोवैक्सीन की वजह से ऐसा कुछ नहीं हुआ है। वैक्सीन लगवाने के बाद मरीजों में सामान्य लक्षण जैसे बुखार और दर्द सामने आया। मरीजों का 30 दिन तक फॉलोअप करने के बाद इस शोध का रिजल्ट सामने आया है।

(Image Courtesy: Freepik.com)

 

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