मेनोपॉज के बाद बढ़ जाते हैं हार्ट अटैक के मामले, इन 5 व्यायाम है बहुत फायदेमंद

मेनोपॉज जिसे रजोनिवृत्ति भी कहते हैं, उसके बाद महिलाओं को हृदयाघात के खतरे से बचने के लिए व्यायाम करनी चाहिए और कम कैलोरी वाले आहार का सेवन करना चाहिए। 

Rashmi Upadhyay
Written by: Rashmi UpadhyayUpdated at: Oct 29, 2018 16:31 IST
मेनोपॉज के बाद बढ़ जाते हैं हार्ट अटैक के मामले, इन 5 व्यायाम है बहुत फायदेमंद

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मेनोपॉज जिसे रजोनिवृत्ति भी कहते हैं, उसके बाद महिलाओं को हृदयाघात के खतरे से बचने के लिए व्यायाम करनी चाहिए और कम कैलोरी वाले आहार का सेवन करना चाहिए। हालिया एक शोध में बताया गया है कि व्यायाम और कम कैलोरी वाले आहार का सेवन करने से महिलाओं को मेनोपॉज के बाद हृदयाघात और मधुमेह (टाइप-2) का खतरा कम हो सकता है। शोध में पाया गया कि शारीरिक रूप से सक्रिय महिलाओं में सुस्त महिलाओं की तुलना में मेटाबॉलिक सिंड्रोम कम होता है। मेटाबॉलिक सिंड्रोम से उन शारीरिक कारकों का समूह है जिनसे हृदय-रोग, आघात और मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है।

मरीज में अत्यधिक चर्बी बढ़ने, अच्छे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा घटने और रक्त में चर्बी की मात्रा बढ़ने, उच्च रक्तचाप होने और उच्च रक्त शर्करा होने पर मेटाबॉलिक सिंड्रोम की पहचान की जाती है। अमेरिका स्थित स्टैंडफोर्ड हेल्थ केयर की एसोसिएट प्रोफेसर एस. ली ने कहा कि पूर्व का अध्ययन रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं में हृदयवाहिनी के रोग और टाइप-2 मधुमेह पर केंद्रित रहा है। यह अध्ययन अनोखा है क्योंकि यह ऐसे रोगों की रोकथाम पर केंद्रित है। यह शोध जर्नल ऑफ क्लिनिकल एंडोक्राइनोलोजी एंड मेटाबॉलिज्म में प्रकाशित हुआ है। शोध में अधेड़ उम्र की 3,003 महिलाओं को शामिल किया गया। ली ने कहा कि अध्ययन में पाया गया कि रजोनिवृत्ति के बाद व्यायाम और कम कैलोरी के आहार का सेवन करने से महिलाओं को मेटाबॉलिक सिंड्रोम की शिकायत से निजात मिल सकती है।

मेनोपॉज के लक्षण

  • बहुत अधिक पसीना आना।
  • घबराहट होना।
  • सिर में दर्द, चक्कर आना।
  • स्वभाव में चिड़चिड़ापन आ जाना।
  • शारीरिक कमजोरी अधिक होना।
  • पेट से संबंधित समस्या होना।
  • पाचनशक्ति कमजोर हो जाना।
  • जी मिचलाना और उल्टियां आना।
  • लगातार कब्ज की समस्या होना हो सकती है।
  • इस समय में बहुत सी स्त्रियों को मानसिक तनाव होने लगता है।
  • कुछ स्त्रियों को तो इस समय के बाद शरीर पर झुर्रियां पड़ने लगती हैं।

मेनोपॉज से जुड़े कुछ तथ्य 

  • मेनोपॉज होने पर महिलाओं को कई स्‍वास्‍थ्‍य समस्याएं हो सकती हैं, कई बार ये समस्याएं बहुत कष्टदायक होती हैं। रजोनिवृत्ति होने पर महिला में शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार के परिवर्तन आने लगते हैं।
  • मेनोपॉज होने पर सुस्ती आना, नींद न आना, शरीर में शिथिलता रहना शरीर के विभिन्न हिस्सों में दर्द रहना, मोटापा बढ़ना इत्यादि समस्याएं भी हो सकती हैं।
  • मासिक धर्म के बंद होने यानी रजोनिवृत्ति के लक्षण हर महिला में अलग-अलग होते हैं। किसी में अचानक मासिक धर्म आना बंद हो जाता है तो किसी में धीरे-धीरे या फिर एक-दो साल के भीतर।
  • मेनोपॉज महिलाओं के वृद्घास्था की ओर जाने के लक्षण है। जैसे हर महिला को माहवारी के कालचक्र से गुजरना पड़ता है वैसे ही हर महिला को मीनोपोज होना भी प्राकृतिक है।
  • स्वस्थ रहने वाली महिलाओं को बिना किसी परेशानी के मीनोपोज हो जाता है यानी प्रतिमाह के रक्त स्राव में कमी होते जाना और एक दिन पूरी तरह से बंद हो जाना।
  • जो महिलाएं अस्वस्थ हो या फिर जिनकी माहवारी अनियमित हो, प्रसवकाल के समय उचित देखभाल न की गई हो, उन महिलाओं को माहवारी बंद होते समय कई परेशानियों से गुजरना पड़ सकता है।
  • कई महिलाओं में देरी से मेनोपाज होने के पीछे गंभीर कारण हो सकते हैं जैसे- गर्भाशय में सूजन, गांठ होना, कैंसर  होना या उसका खतरा होना आदि।

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