
छोटे बच्चों के मुंह से अक्सर लार टपकती है। इसे लेकर कई बार माता-पिता चिंतित भी हो जाते हैं और कई बार यह नजरअंदाज किया जाता है। बरेली में डॉक्टर राजेश चिल्ड्रन हॉस्पिटल के बाल चिकित्सक डॉ. राजेश अग्रवाल का कहना है कि 6 से 9 महीने तक के बच्चों के मुंह से लार टपकना आम बात है। पर इससे ज्यादा उम्र तक अगर लार टपकती है तो यह परेशानी वाली बात है। कई बार दो साल की उम्र तक भी बच्चे लार टपकाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे बच्चों की लार गिरने का मतलब है कि बच्चों का विकास हो रहा है। दूसरा, बच्चे के मुंह में ज्यादा लार बन रही है जिससे लार मुंह से निकल रही है। बच्चों के मुंह से लार गिरने को ड्रलिंग (Drooling) कहा जाता है। मुंह में स्थित लार ग्रंथियां लार बनाती हैं, जब ज्यादा लार बनती है तब बच्चा संभाल नहीं पाता और वह मुंह से बाहर गिरने लगती है। मुंह से लार (Drooling) गिरने के कई सामान्य और असामान्य कारण हैं, जिनके बारे में आज हम चर्चा करेंगे।

बच्चों के मुंह से लार गिरना चिंता का विषय है?
जन्म के बाद से 9 महीने तक बच्चों के मुंह से लार टपकना सामान्य बात है। बाल चिकित्सक डॉ. राजेश के मुताबिक 9 महीने तक लार गिरना कोई बीमारी नहीं है। मुंह में लार बनना सतत प्रक्रिया है। जिसे हम गटक जाते हैं। जब तक बच्चा तीन महीने का होता है तब तक तो वह ज्यादा मूव नहीं करता है, इसलिए लार भी नहीं बनती, लेकिन जैसे ही बच्चा 5 महीने का हो जाता है, तब उसके मुंह में लार ग्रंथियां (saliva glands) बनने लगती हैं। जिसकी वजह से वह लार गिराता है।
बच्चों के मुंह से लार गिरने के कारण (Causes of drooling)
डॉ. राजेश ने बच्चों के मुंह से लार गिरने के निम्न कारण बताए हैं-
मुंह का अंदर से छिलना
बहुत बार छोटे बच्चों के साथ खेलते-खेलते बड़े लोग उनके मुंह में हाथ डाल देते हैं, इससे कई बार किसी का नाखून बच्चे के मुंह में लग सकता है, जिससे उन्हें परेशानी हो सकती है। तो वहीं, अगर किसी भी वजह से बच्चे का मुंह अंदर से छिल गया है तब भी उनके मुंह से लार टपकती है। माता पिता को समय-समय पर बच्चे के मुंह की अंदर से जांच करते रहना चाहिए कि कहीं बच्चे का मुंह अंदर से छिला या लाल तो नहीं है।
मुंह में छाले
छोटे बच्चों के मुंह में छाले होने पर भी मुंह से लार टपकती है। छाले होने की वजह से थूक को निगलने में दिक्कत होती है, जिस वजह से बच्चे लार को संभाल नहीं पाते और वह बाहर की ओर टपक जाती है।
इसे भी पढ़ें : मुंह में ज्यादा लार बनने का कारण हो सकता है 'वाटर ब्रैश', जानें लक्षण और उपचार
मसूड़ों में किसकिसाहट
मसूड़ों में किसकिसाहट भी छोटे बच्चों के मुंह से लार टपकने का कारण है। बार किसकिसाहट की वजह से बच्चे मुंह में लार नहीं रोक पाते।
दांत निकलना
जब लार ग्रंथियां विकसित होती हैं और बच्चे के विकास के साथ-साथ ज्यादा लार बनाती हैं तो बच्चे के मुंह से लार टपकती है। साथ ही जब इसी दौरान बच्चे के दांत निकलते हैं, तब भी उसके मुंह से लार गिरती है।
लार ग्रंथियों का विकास
छोटे बच्चे में शारीरिक और मानसिक दोनों विकास हो रहे होते हैं। इस वक्त वह चीजें सीख रहा होता है। इसी कड़ी में वह मुंह में लार रोकना या गिराना भी सीख रहा होता है। जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है वैसे-वैसे लार ग्रंथियां (saliva gland) बन रही होती हैं। जब यह लार ज्यादा बनती है जिसे बच्चे संभाल नहीं पाते या समझ नहीं पाते कि इसे रोकना है तो वह नीचे गिरने लगती है।
मुंह खुला रखने पर
छोटे बच्चों में बहुत से न्यूरोलॉजिकल डेवलपमेंट भी हो रहे होते हैं, जिनके कारण वह खुद बहुत सी चीजें सीख और समझ रहा होता है। रात को सोते वक्त जब वह मुंह खुला रखता है या जागते वक्त भी मुंह खुला रखता है तब भी मुंह से लार टपकती है। बच्चे में इतनी समझ नहीं होती कि उसे वो अंदर निगले, इसलिए लार बाहर टपकती रहती है। तो वहीं, जब बच्चा किसी चीज को टकटकी लगाए देखता है तब भी उसके मुंह से लार टपकती है। क्योंकि उस समय उसका दिमाग उस वस्तु पर केंद्रित होता है, लार पर नहीं।

मसालेदार खाना
कई बार देखा गया है कि 2 साल तक के बच्चे मुंह से लार गिराते हैं। जो बच्चे खाने में मसालेदार खाद्य पदार्थ खाते हैं, उनके मुंह से भी लार गिरती है। क्योंकि मसालेदार खाना ज्यादा लार बनाता है।
इसे भी पढ़ें : हाइपोसलाइवेशन का कारण हो सकता है लार का कम बनना, जानें इसके 5 बड़े लक्षण
मुंह से लार गिरना कैसे रोकें
जैसाकि हम पहले बता चुके हैं को 9 महीने या दो साल तक के बच्चे के मुंह से अगर लार गिरती है तो वह सामान्य बात है, उसमें माता पिता को चिंता की जरूरत नहीं है, लेकिन इसके बाद भी लार गिर रही है तो उन्हें डॉक्टर की जरूरत है। बहुत बड़ी उम्र तक ज्यादा लार गिरना किसी मानसिक बीमारी का कारण भी बन सकता है। यहां कुछ उपाय बताए गए हैं जो लार रोकने में आपकी मदद कर सकते हैं।
बच्चे में आदत विकसित करें
बहुत छोटे बच्चे लार गिराते हैं, तो उन्हें हम समझा नहीं सकते लेकिन अगर बच्चा आपकी बात समझ रहा है। आपकी बातों पर उसके चेहरे के एक्सप्रेशन बदल रहे हैं तो उसे धीरे-धीरे समझाना शुरू करें कि लार मत गिराओ। दूसरा आप खुद एक रूमाल साथ रखें जिससे बच्चे की लार साफ की जा सके।

थेरेपी
जिन बच्चों की बहुत ज्यादा लार गिरती है और दो साल के बाद तक गिर रही है उन्हें डॉक्टर की जरूरत होती है। ऐसे बच्चों का इलाज स्पीच और ऑक्यूपेशनल थेरेपी से किया जाता है। जिससे बच्चों को लार निगलना और होंठों को बंद रखना सिखाया जाता है। इससे बच्चे के मुंह की मांसपेशियां भी मजबूत होती हैं।
दवाएं
जरूरत से ज्यादा लार बनना नुकसानदायक है। जब उसे न संभाल पाना और ज्यादा नुकसानदायक है। ऐसे में डॉक्टर कुछ दवाएं मरीज को देते हैं। इन दवाओं से लार बनने की प्रक्रिया में कमी आती है। इस तरह भी बच्चे के मुंह से लार गिरने का इलाज किया जा सकता है।
छोटे बच्चों के मुंह से लार गिरना कोई गंभीर बीमारी नहीं है। यह बच्चों के विकास के साथ होने वाली एक सतत प्रक्रिया है। लार चितां का विषय तब बनती है जब वह बढ़ती उम्र के साथ ज्यादा बढ़ती है और मुंह से टपकती रहती है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से मिलें।
Read more articles on Childrens-Health in Hindi







.jpg)